प्रति: भारत सरकार और भारत की संसद
समान अवसर और आरक्षण नीति की राष्ट्रीय समीक्षा हेतु जन-याचिका
हम, भारत के नागरिक, अवसर की समानता, सामाजिक न्याय और राष्ट्रीय एकता के संवैधानिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए अनुरोध करते हैं कि मौजूदा आरक्षण और अवसर-वितरण नीतियों की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध राष्ट्रीय समीक्षा की जाए।
हमारी शांतिपूर्ण और संवैधानिक माँगें
- 1एक स्वतंत्र राष्ट्रीय समीक्षा आयोग बनाया जाए जिसमें संवैधानिक विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री, शिक्षाविद्, सामाजिक वैज्ञानिक और सभी प्रभावित वर्गों का प्रतिनिधित्व हो।
- 2लाभ, वंचना, शिक्षा, आय, भूगोल और पीढ़ीगत पहुँच से जुड़े अद्यतन व सत्यापन योग्य डेटा सार्वजनिक किया जाए।
- 3सहायता वास्तविक वंचित नागरिकों तक पहुँचे, इसके लिए लाभ की समय-समय पर समीक्षा और दुरुपयोग रोकने के पारदर्शी उपाय हों।
- 4स्कूल शिक्षा, छात्रवृत्ति, कौशल, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसर में निवेश बढ़ाकर असमानता की जड़ पर काम किया जाए।
- 5किसी भी सुधार को संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया, न्यायिक सिद्धांत और कमजोर नागरिकों के लिए उचित सुरक्षा के साथ चरणबद्ध लागू किया जाए।
यह याचिका किसी समुदाय के विरुद्ध नहीं है। इसका उद्देश्य व्यक्ति की गरिमा और अधिकारों का सम्मान करते हुए नीति की निष्पक्ष समीक्षा, बेहतर डेटा और समान अवसर की माँग करना है।
